Sanchar Saathi App क्या है : संचार साथी दूरसंचार विभाग (DoT) की नागरिक-केंद्रित पहल है, जो एक वेब पोर्टल (sancharsaathi.gov.in) और मोबाइल ऐप — दोनों रूपों में उपलब्ध है। लेकिन ज़्यादातर लेख सिर्फ़ “फ़ायदे” गिनाकर छोड़ देते हैं। इस लेख में आपको मिलेगा: कौन-सी समस्या के लिए कौन-सा फ़ीचर इस्तेमाल करना है, हर फ़ीचर का असली स्टेप-बाय-स्टेप तरीका, चोरी हुआ फ़ोन ब्लॉक कराने के लिए पहले से क्या-क्या तैयार रखना पड़ता है (यहीं ज़्यादातर लोग अटक जाते हैं), और वह भी जो कोई नहीं बताता — यह ऐप क्या नहीं कर सकता।

लेख की रूपरेखा — 17 विषय
- पहले यह तय करें — आपकी समस्या कौन-सी है?
- Sanchar Saathi App क्या है
- चोरी/गुम हुआ फ़ोन ब्लॉक कैसे कराएँ (CEIR)
- अपने नाम पर चल रहे सिम कैसे देखें (TAFCOP)
- फ़र्ज़ी कॉल और मैसेज की शिकायत (Chakshu)
- बाकी उपयोगी फ़ीचर
- यह ऐप क्या नहीं कर सकता — उम्मीदें साफ़ रखिए
- प्री-इंस्टॉलेशन वाला विवाद — असल में हुआ क्या था
- निष्कर्ष
- आधिकारिक लिंक
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
पहले यह तय करें — आपकी समस्या कौन-सी है?
संचार साथी एक ऐप नहीं, कई अलग-अलग सेवाओं का समूह है। नीचे की तालिका से पाँच सेकंड में तय कर लीजिए कि आपको किस हिस्से में जाना है।
| आपकी समस्या | कौन-सा फ़ीचर | क्या मिलेगा |
|---|---|---|
| फ़ोन चोरी हो गया / गुम गया | CEIR — Block Your Lost/Stolen Mobile Handset | IMEI सभी नेटवर्क पर ब्लॉक |
| मेरे नाम पर कितने सिम चल रहे हैं? | Know Mobile Connections in Your Name (TAFCOP) | कनेक्शन की सूची + रिपोर्ट करने का विकल्प |
| फ़र्ज़ी कॉल/SMS/WhatsApp मैसेज आया | Chakshu — Report Suspected Fraud Communication | शिकायत दर्ज, नंबर पर कार्रवाई |
| फ़ोन असली है या नकली? | KYM — Know Genuineness of Your Mobile Handset | IMEI से ब्रांड/मॉडल की पुष्टि |
| +91 नंबर से विदेशी कॉल आ रही है | RICWIN — Report Incoming International Call | अवैध टेलीकॉम सेटअप की रिपोर्ट |
| बैंक का नंबर असली है या नहीं? | Trusted Contact Details | बैंक/वित्तीय संस्थान के सत्यापित नंबर |
| अनचाहे प्रचार कॉल/SMS (स्पैम) | Report UCC / Spam | अनचाही व्यावसायिक कॉल की शिकायत |
Sanchar Saathi App क्या है
संचार साथी भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) की पहल है। इसका मक़सद मोबाइल उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना, उनकी सुरक्षा मज़बूत करना और फ़र्ज़ी सिम, मोबाइल चोरी तथा साइबर धोखाधड़ी के ख़िलाफ़ सीधे शिकायत का रास्ता देना है।
यह पहले वेब पोर्टल के रूप में शुरू हुई थी और बाद में मोबाइल ऐप भी जारी किया गया। ख़ास बात यह है कि ऐप और पोर्टल दोनों एक ही सेवाएँ देते हैं — यानी अगर आप ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहते, तो ब्राउज़र से sancharsaathi.gov.in पर जाकर वही सारे काम कर सकते हैं। सभी सेवाएँ पूरी तरह नि:शुल्क हैं।
चोरी/गुम हुआ फ़ोन ब्लॉक कैसे कराएँ (CEIR)
यह ऐप का सबसे काम का फ़ीचर है। CEIR (Central Equipment Identity Register) आपके फ़ोन का IMEI नंबर सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों के नेटवर्क पर ब्लॉक कर देता है, जिससे चोर उसमें कोई भी सिम डालकर उसे भारत में इस्तेमाल नहीं कर पाता।
पहले यह तीन चीज़ें तैयार रखें — वरना फ़ॉर्म पूरा नहीं होगा
यही वह जगह है जहाँ ज़्यादातर लोग अटकते हैं। ब्लॉक-रिक्वेस्ट का फ़ॉर्म खोलने से पहले ये तैयार रखें:
- पुलिस शिकायत ज़रूरी है। फ़ॉर्म में पुलिस शिकायत नंबर, थाने का नाम, राज्य और ज़िला भरना अनिवार्य है, और शिकायत की कॉपी अपलोड करनी पड़ती है। इसलिए सबसे पहला काम — नज़दीकी थाने या राज्य पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराइए।
- उसी नंबर का डुप्लीकेट सिम लीजिए। फ़ॉर्म सबमिट करने के लिए OTP उसी मोबाइल नंबर पर आता है जो खोए हुए फ़ोन में था। इसलिए अपने ऑपरेटर के स्टोर से पहले डुप्लीकेट सिम निकलवा लीजिए।
- IMEI नंबर और ख़रीद का बिल। फ़ॉर्म में 15 अंकों का IMEI और मोबाइल का purchase invoice अपलोड करना अनिवार्य है। IMEI फ़ोन के डिब्बे पर, बिल पर, या Google खाते के “Find My Device” में मिल जाता है।
ब्लॉक करने के स्टेप
- ऐप खोलें या ब्राउज़र में sancharsaathi.gov.in जाएँ और “Block Your Lost / Stolen Mobile Handset” चुनें।
- डिवाइस की जानकारी भरें: खोए हुए फ़ोन में लगे मोबाइल नंबर (दो सिम हों तो दोनों), IMEI 1 और IMEI 2, ब्रांड, मॉडल और फ़ोन की क़ीमत। साथ में purchase invoice अपलोड करें।
- खोने की जानकारी भरें: कहाँ खोया, किस तारीख़ को, राज्य, ज़िला, थाना, पुलिस शिकायत नंबर — और शिकायत की कॉपी अपलोड करें।
- मालिक की जानकारी भरें: नाम, पता, पहचान पत्र का प्रकार (आधार / PAN / वोटर आईडी / ड्राइविंग लाइसेंस), और उसकी कॉपी अपलोड करें। ईमेल आईडी वैकल्पिक है, पर देना बेहतर है।
- कैप्चा भरकर OTP से सत्यापन करें और घोषणा (declaration) स्वीकार करके फ़ॉर्म सबमिट करें।
- सबमिट होते ही आपको एक Request ID मिलेगी। इसे संभालकर रखें — स्टेटस देखने और आगे चलकर फ़ोन मिलने पर अनब्लॉक कराने, दोनों के लिए यही काम आएगी।
पोर्टल पर CEIR के तहत चार अलग विकल्प मिलते हैं: ब्लॉक करना, मिल जाने पर अनब्लॉक करना, रिक्वेस्ट का स्टेटस देखना, और Request ID भूल जाने पर उसे दोबारा पाना। यानी Request ID खो जाए तो घबराने की ज़रूरत नहीं।
फ़ोन मिल जाए तो अनब्लॉक कैसे करें
वही पोर्टल खोलकर “Un-block Found Mobile Handset” चुनें, अपनी Request ID और मोबाइल नंबर डालें, OTP से सत्यापन करें और अनब्लॉक करने का कारण बताएँ। ब्लॉक किया हुआ फ़ोन तब तक इस्तेमाल नहीं होगा जब तक आप ख़ुद अनब्लॉक न करें — इसलिए फ़ोन मिलते ही यह करना न भूलें।
अपने नाम पर चल रहे सिम कैसे देखें (TAFCOP)
यह सेवा पोर्टल पर “Know Mobile Connections in Your Name” नाम से मिलती है। इसका मक़सद यह है कि आप जान सकें कि आपकी पहचान (आधार/दस्तावेज़) पर कितने मोबाइल कनेक्शन जारी हुए हैं — क्योंकि साइबर अपराधी अक्सर दूसरों के दस्तावेज़ पर सिम लेकर धोखाधड़ी करते हैं।
- कितने सिम की इजाज़त है? पोर्टल के अनुसार, एक व्यक्ति भारत के सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों को मिलाकर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन ले सकता है। जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर लाइसेंस क्षेत्रों में यह सीमा 6 है।
- कैसे देखें: अपना मोबाइल नंबर डालकर OTP से लॉगिन कीजिए। सूची में आपकी पहचान पर जारी कनेक्शन दिखेंगे।
- कोई नंबर आपका नहीं है? उसे “This is not my number” के रूप में चिह्नित कीजिए। जो नंबर आपका है पर अब ज़रूरत नहीं, उसे “Not Required” चुनिए।
- आगे क्या होता है: रिपोर्ट किया गया नंबर संबंधित टेलीकॉम कंपनी के पास दोबारा सत्यापन (re-verification) के लिए भेजा जाता है, और जाँच में सही न पाए जाने पर कनेक्शन बंद किया जा सकता है।
अगर आप ख़ुद अपना कोई नंबर बंद कराना चाहते हैं, तो वह अलग प्रक्रिया है — देखें Jio सिम बंद कैसे करें और Airtel सिम बंद कैसे करें।
फ़र्ज़ी कॉल और मैसेज की शिकायत (Chakshu)
चक्षु के ज़रिए आप कॉल, SMS या WhatsApp पर आए ऐसे संदेशों की शिकायत कर सकते हैं जिनका मक़सद धोखाधड़ी है — जैसे फ़र्ज़ी KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने का डर दिखाना, निवेश के नाम पर ठगी, फ़र्ज़ी नौकरी का ऑफ़र, किसी अधिकारी/कंपनी की पहचान चुराकर की गई कॉल, या सेक्सटॉर्शन।
शिकायत में आपको संदिग्ध नंबर, माध्यम (कॉल/SMS/WhatsApp), तारीख़-समय, श्रेणी और संक्षिप्त विवरण देना होता है; स्क्रीनशॉट भी लगाया जा सकता है। एक ज़रूरी फ़र्क़ समझ लीजिए:
- Chakshu संदिग्ध संचार (कॉल/SMS) की रिपोर्ट के लिए है — इससे नंबर पर कार्रवाई होती है।
- अगर आपके पैसे कट चुके हैं, तो सिर्फ़ Chakshu काफ़ी नहीं। तुरंत 1930 पर कॉल कीजिए और cybercrime.gov.in पर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराइए — जितनी जल्दी, पैसा रुकने की संभावना उतनी ज़्यादा।
- सिर्फ़ अनचाहे प्रचार वाले कॉल/SMS (स्पैम) के लिए पोर्टल पर अलग UCC शिकायत का विकल्प है।
बाकी उपयोगी फ़ीचर
KYM — फ़ोन असली है या नहीं
“Know Genuineness of Your Mobile Handset” में IMEI नंबर डालकर आप देख सकते हैं कि वह IMEI वैध है और किस ब्रांड/मॉडल का है। पुराना (second-hand) फ़ोन ख़रीदने से पहले यह ज़रूर जाँचें — नकली या क्लोन किए गए IMEI वाले फ़ोन यहीं पकड़ में आ जाते हैं। IMEI देखने के लिए फ़ोन में *#06# डायल करें।
RICWIN — +91 नंबर से आती विदेशी कॉल
“Report Incoming International Call With Indian Number” उन कॉल के लिए है जो असल में विदेश से आ रही हैं, लेकिन स्क्रीन पर भारतीय (+91) नंबर दिखाती हैं। यह अक्सर अवैध टेलीकॉम सेटअप का संकेत होता है और डिजिटल अरेस्ट जैसे फ़्रॉड में इसी तरीके का इस्तेमाल होता है। ऐसी कॉल की रिपोर्ट यहाँ करें।
Trusted Contact Details और Know Your Wireline ISP
Trusted Contact Details में आप जाँच सकते हैं कि बैंक या वित्तीय संस्थान के नाम पर आया नंबर वाकई उसी का है या नहीं — “बैंक से बोल रहा हूँ” वाली ठगी रोकने में यह बहुत काम आता है। Know Your Wireline ISP से पिन कोड, पते या नाम के आधार पर अपने इलाके के ब्रॉडबैंड सेवा प्रदाताओं की जानकारी मिलती है।
यह ऐप क्या नहीं कर सकता — उम्मीदें साफ़ रखिए
यह हिस्सा उतना ही ज़रूरी है जितना फ़ीचर की सूची।
- यह आपका फ़ोन ढूँढकर वापस नहीं लाता। CEIR IMEI को नेटवर्क पर ब्लॉक करता है और खोए हुए डिवाइस का पता लगाने में मदद करता है, लेकिन वह जानकारी जाँच के लिए पुलिस के पास जाती है — आपको ऐप में लाइव लोकेशन नहीं दिखती। फ़ोन वापस मिलना पुलिस कार्रवाई पर निर्भर है।
- यह आपका ठगा हुआ पैसा वापस नहीं दिलाता। पैसे की वापसी की प्रक्रिया साइबर क्राइम पोर्टल और आपके बैंक से चलती है, संचार साथी से नहीं।
- यह फ़ोन का डेटा नहीं मिटाता। चोरी के बाद फ़ोन का डेटा दूर से मिटाने के लिए Google का “Find My Device” या Apple का “Find My” इस्तेमाल करें, और अपने बैंक/UPI ऐप का एक्सेस तुरंत ब्लॉक कराएँ।
- रिपोर्ट करने का मतलब तुरंत कार्रवाई नहीं। TAFCOP में रिपोर्ट किया नंबर टेलीकॉम कंपनी की जाँच के बाद ही बंद होता है — इसमें समय लगता है।
प्री-इंस्टॉलेशन वाला विवाद — असल में हुआ क्या था
नवंबर 2025 के अंत में दूरसंचार विभाग ने मोबाइल निर्माताओं को निर्देश दिया था कि नए स्मार्टफ़ोन में संचार साथी ऐप पहले से इंस्टॉल किया जाए और वह दिखाई देता रहे। इस पर निजता (privacy) को लेकर व्यापक आलोचना हुई और संसद के भीतर-बाहर विरोध हुआ।
3 दिसंबर 2025 को सरकार ने यह आदेश वापस ले लिया और स्पष्ट किया कि ऐप की प्री-इंस्टॉलेशन अनिवार्य नहीं होगी। यानी आज की स्थिति यह है कि संचार साथी ऐप पूरी तरह वैकल्पिक है — आप चाहें तो इंस्टॉल करें, न चाहें तो सीधे वेब पोर्टल से वही सेवाएँ इस्तेमाल कर लें, और इंस्टॉल करने के बाद कभी भी हटा सकते हैं।
निष्कर्ष
संचार साथी की असली क़ीमत तब समझ आती है जब कुछ गलत हो चुका हो — फ़ोन चोरी हो गया हो, या आपके नाम पर कोई अनजान सिम चल रहा हो। इसलिए दो काम आज ही कर लीजिए: अपने फ़ोन का IMEI कहीं लिखकर सुरक्षित रख लीजिए (चोरी के बाद यह ढूँढना मुश्किल होता है), और “Know Mobile Connections in Your Name” खोलकर एक बार देख लीजिए कि आपकी पहचान पर कोई अनजान कनेक्शन तो नहीं चल रहा। ये दोनों काम मुफ़्त हैं और पाँच मिनट में हो जाते हैं।
आधिकारिक लिंक
| Sanchar Saathi आधिकारिक पोर्टल | sancharsaathi.gov.in |
| चोरी/गुम फ़ोन ब्लॉक (CEIR) | CEIR सेवाएँ |
| दूरसंचार विभाग (DoT) | dot.gov.in |
| साइबर फ्रॉड शिकायत | cybercrime.gov.in / हेल्पलाइन 1930 |
| Home Page | Hindi Sink |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Sanchar Saathi App क्या है?
यह भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) की नागरिक-केंद्रित पहल है, जो ऐप और वेब पोर्टल दोनों रूपों में उपलब्ध है। इससे आप अपने नाम पर चल रहे मोबाइल कनेक्शन देख सकते हैं, चोरी हुआ फ़ोन ब्लॉक करा सकते हैं और फ़र्ज़ी कॉल/SMS की शिकायत कर सकते हैं।
क्या Sanchar Saathi ऐप फ्री है?
हाँ, ऐप और पोर्टल की सभी सेवाएँ पूरी तरह नि:शुल्क हैं। कोई शुल्क माँगने वाली वेबसाइट फ़र्ज़ी है।
क्या ऐप इंस्टॉल करना अनिवार्य है?
नहीं। दिसंबर 2025 में सरकार ने अनिवार्य प्री-इंस्टॉलेशन का आदेश वापस ले लिया था। ऐप वैकल्पिक है और वही सेवाएँ sancharsaathi.gov.in पर ब्राउज़र से भी उपलब्ध हैं।
क्या चोरी हुआ फ़ोन ब्लॉक कराने के लिए FIR/पुलिस शिकायत ज़रूरी है?
हाँ। CEIR के ब्लॉक फ़ॉर्म में पुलिस शिकायत नंबर, थाने की जानकारी और शिकायत की कॉपी अपलोड करना अनिवार्य है। साथ ही खोए हुए नंबर का डुप्लीकेट सिम भी चाहिए, क्योंकि OTP उसी नंबर पर आता है।
एक व्यक्ति के नाम पर कितने सिम हो सकते हैं?
पोर्टल के अनुसार सभी ऑपरेटरों को मिलाकर अधिकतम 9 कनेक्शन। जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर लाइसेंस क्षेत्रों में यह सीमा 6 है।
क्या यह ऐप मेरा खोया फ़ोन ढूँढ देगा?
नहीं। यह IMEI को सभी नेटवर्क पर ब्लॉक करता है ताकि फ़ोन इस्तेमाल न हो सके और ट्रेसिंग की जानकारी पुलिस को मिले। आपको ऐप में लाइव लोकेशन नहीं दिखती।
IMEI नंबर कैसे पता करें?
फ़ोन में *#06# डायल करें, या फ़ोन के डिब्बे/ख़रीद बिल पर देखें। चोरी होने से पहले इसे कहीं लिखकर रख लेना सबसे अच्छा रहता है।






