PM Kisan Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं क़िस्त 20 जून 2026 को जारी हो चुकी है — पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले के तारकेश्वर से। इससे पहले 22वीं क़िस्त 13 मार्च 2026 को गुवाहाटी (असम) से जारी हुई थी। यानी अगर आप “22वीं क़िस्त कब आएगी” खोज रहे हैं, तो वह क़िस्त आ चुकी है और उसके बाद एक और क़िस्त भी आ चुकी है।
यह पेज अब एक ही क़िस्त की ख़बर नहीं है — इसे क़िस्त ट्रैकर के रूप में बनाया गया है। नीचे मिलेगा: तारीखवार क़िस्त इतिहास, अगली क़िस्त कब आने की संभावना है, पात्रता और अपात्रता के नियम, e-KYC की अनिवार्यता, स्टेटस चेक करने का सही तरीका, और क़िस्त अटकने के असली कारण।
अंतिम बार जाँचा गया: 31 जुलाई 2026 — स्रोत: pmkisan.gov.in और प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)।

PM Kisan क़िस्त की ताज़ा स्थिति
pmkisan.gov.in के होमपेज पर आधिकारिक सूचना यही है कि प्रधानमंत्री ने 23वीं क़िस्त 20 जून 2026 को तारकेश्वर, हुगली, पश्चिम बंगाल से जारी की। PIB के अनुसार इसमें 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि सीधे भेजी गई, जिनमें 2.18 करोड़ से अधिक महिला किसान शामिल थीं। इसके साथ ही 24 फरवरी 2019 से अब तक कुल वितरण ₹4.46 लाख करोड़ के पार चला गया।
क़िस्त इतिहास — तारीखवार टेबल
नीचे दी गई हर तारीख PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति या pmkisan.gov.in से ली गई है।
| क़िस्त | जारी होने की तारीख | कहाँ से | राशि और लाभार्थी |
| 19वीं | 24 फरवरी 2025 | भागलपुर, बिहार | ₹23,000 करोड़ से अधिक; 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी |
| 20वीं | 2 अगस्त 2025 | वाराणसी, उत्तर प्रदेश | लगभग ₹20,500 करोड़; 9.7 करोड़ से अधिक किसान |
| 21वीं | 19 नवंबर 2025 | — | PIB के अनुसार 20 क़िस्तों तक कुल वितरण ₹3.70 लाख करोड़ पार, 11 करोड़ से अधिक किसान परिवार |
| 22वीं | 13 मार्च 2026 | गुवाहाटी, असम | ₹18,640 करोड़ से अधिक; 9.32 करोड़ से अधिक किसान (2.15 करोड़ महिला) |
| 23वीं | 20 जून 2026 | तारकेश्वर, हुगली, पश्चिम बंगाल | ₹18,880 करोड़ से अधिक; 9.44 करोड़ से अधिक किसान (2.18 करोड़ महिला) |
22वीं क़िस्त तक कुल वितरण ₹4.27 लाख करोड़ के आँकड़े को पार कर चुका था, और 23वीं के बाद यह ₹4.46 लाख करोड़ पर पहुँच गया।
अगली (24वीं) क़िस्त कब आएगी?
31 जुलाई 2026 तक 24वीं क़िस्त की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है। इंटरनेट पर जो भी तारीख दिख रही है, वह अनुमान है — सरकार तारीख PIB की विज्ञप्ति और pmkisan.gov.in के ज़रिए ही घोषित करती है।
हाँ, योजना का ढाँचा समझ लेने से अंदाज़ा ज़रूर लग जाता है। PIB के अनुसार ₹6,000 सालाना राशि तीन बराबर क़िस्तों में, हर चार महीने पर दी जाती है, और योजना के तीन चार-मासिक चक्र हैं — अप्रैल–जुलाई, अगस्त–नवंबर, और दिसंबर–मार्च। 23वीं क़िस्त अप्रैल–जुलाई 2026 के चक्र में आई थी, इसलिए 24वीं क़िस्त अगस्त–नवंबर 2026 के चक्र में अपेक्षित है। सटीक दिन कार्यक्रम की योजना पर निर्भर करता है और अक्सर किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम से जोड़ा जाता है।
⚠️ सावधान: “क़िस्त जल्दी पाने” या “नाम लिस्ट में जुड़वाने” के नाम पर कोई फ़ीस नहीं लगती। PM-KISAN में आवेदन, e-KYC (OTP आधारित) और स्टेटस चेक — सब आधिकारिक पोर्टल पर मुफ़्त है। किसी अनजान लिंक पर आधार नंबर, बैंक डिटेल या OTP न डालें, और सिर्फ़ pmkisan.gov.in ही खोलें।
PM Kisan Yojana — एक नज़र में
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) |
| शुरुआत | 24 फरवरी 2019 |
| योजना का प्रकार | केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) — पूरा खर्च केंद्र सरकार का |
| लाभ | ₹6,000 प्रति वर्ष |
| क़िस्त | ₹2,000 की तीन बराबर क़िस्तें, हर चार महीने पर |
| भुगतान का तरीका | आधार सीडेड बैंक खाते में DBT से |
| पात्रता | खेती योग्य ज़मीन वाले किसान परिवार (कुछ अपवादों के साथ) |
| आधिकारिक वेबसाइट | pmkisan.gov.in |
एक भ्रम यहीं दूर कर लीजिए: PM-KISAN पूरी तरह केंद्र सरकार की योजना है। इसमें राज्य सरकार का हिस्सा नहीं होता — राज्य का काम सिर्फ़ लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन करके उनका डेटा पोर्टल पर चढ़ाना है। कुछ राज्य अपनी अलग योजनाओं से अतिरिक्त राशि देते हैं, पर वह PM-KISAN का हिस्सा नहीं है।
पात्रता और अपात्रता के नियम
किसे मिलता है?
PIB के अनुसार खेती योग्य ज़मीन का स्वामित्व ही मुख्य पात्रता है। योजना शुरू में 2 हेक्टेयर तक वाले छोटे और सीमांत किसानों के लिए थी, लेकिन 1 जून 2019 से इसका दायरा बढ़ाकर सभी भूमिधारक किसान परिवारों तक कर दिया गया। “किसान परिवार” का मतलब है — पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे। यानी एक ही परिवार में कई सदस्य अलग-अलग लाभ नहीं ले सकते।
किसे नहीं मिलता? (अपवाद)
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार ऊँची आय वाली श्रेणियाँ इससे बाहर रखी गई हैं। मोटे तौर पर:
- संस्थागत भूमिधारक (institutional land holders)
- संवैधानिक पदों पर रहे या रह चुके लोग, तथा सांसद, विधायक, महापौर और ज़िला पंचायत अध्यक्ष
- केंद्र/राज्य सरकार, PSU और स्वायत्त संस्थाओं के कार्यरत या सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी (मल्टी-टास्किंग/चतुर्थ श्रेणी/ग्रुप D कर्मचारी इसमें अपवाद हैं)
- ₹10,000 या उससे अधिक मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त पेंशनभोगी (ग्रुप D/मल्टी-टास्किंग को छोड़कर)
- पिछले निर्धारण वर्ष में आयकर भरने वाले
- पेशेवर संस्थाओं में पंजीकृत और प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट
pmkisan.gov.in पर एक और अहम सूचना है: विभाग ने ऐसे संदिग्ध मामलों को चिह्नित किया है जो अपवाद श्रेणी में आ सकते हैं — जैसे 1 फरवरी 2019 के बाद ज़मीन खरीदने वाले या एक ही परिवार के कई सदस्यों का लाभ लेना। ऐसे मामलों में भौतिक सत्यापन होने तक भुगतान रोक दिया जाता है। अपनी पात्रता “Know Your Status” पर ज़रूर जाँच लें।
e-KYC अनिवार्य है — कैसे करें
आधिकारिक पोर्टल साफ़ लिखता है: “eKYC is MANDATORY for PMKISAN Registered Farmers.” क़िस्त अटकने का सबसे आम कारण यही है। तीन तरीके उपलब्ध हैं:
- OTP आधारित e-KYC — pmkisan.gov.in पर खुद कर सकते हैं। आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर चालू होना चाहिए।
- बायोमेट्रिक e-KYC — पोर्टल के अनुसार यह विकल्प CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) VLE लॉगिन, PM-KISAN मोबाइल ऐप और राज्य के अधिकृत यूज़र लॉगिन पर उपलब्ध है।
- फेस ऑथेंटिकेशन आधारित e-KYC — PIB के अनुसार यह तीसरा विकल्प भी उपलब्ध है, जो PM-KISAN मोबाइल ऐप से चेहरा स्कैन करके पूरा होता है। जिनका मोबाइल आधार से लिंक नहीं है, उनके लिए यह सबसे काम का रास्ता है।
- नज़दीकी CSC पर जाकर — अगर ऊपर के तीनों विकल्प काम न करें।
e-KYC के अलावा दो चीज़ें और ज़रूरी हैं — बैंक खाते का आधार से लिंक (आधार सीडिंग) होना और ज़मीन के रिकॉर्ड का सत्यापन। तीनों में से एक भी अधूरा हो तो क़िस्त रुक जाती है।
क़िस्त का स्टेटस कैसे चेक करें
पोर्टल की मौजूदा प्रक्रिया यह है — ध्यान दें कि अब सिर्फ़ नंबर डालने से स्टेटस नहीं खुलता, OTP भी लगता है:
- pmkisan.gov.in खोलें और “Farmers Corner” में Know Your Status पर जाएँ।
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें। (नंबर याद न हो तो “Know Your Registration No.” से मोबाइल/आधार के ज़रिए पता करें।)
- कैप्चा भरें और OTP माँगें। OTP आपके e-KYC में दर्ज मोबाइल नंबर पर आएगा।
- OTP सत्यापित करने पर आपकी भुगतान स्थिति, बैंक की जानकारी और क़िस्त का UTR नंबर दिख जाएगा।
अपने गाँव की पूरी सूची देखनी हो तो “Beneficiary List” चुनें और राज्य → ज़िला → उप-ज़िला → ब्लॉक → गाँव के क्रम में चुनाव करें।
क़िस्त नहीं आई तो क्या करें?
पहले ये पाँच चीज़ें जाँचें
- e-KYC पूरा है या नहीं
- बैंक खाता आधार से लिंक (सीडेड) है या नहीं
- ज़मीन का रिकॉर्ड सत्यापित हुआ या नहीं
- नाम की स्पेलिंग आधार और बैंक रिकॉर्ड में एक जैसी है या नहीं
- खाता बंद, निष्क्रिय या KYC-लंबित तो नहीं है
शिकायत कहाँ दर्ज करें
PIB के अनुसार PM-KISAN में शिकायत के तीन रास्ते हैं — पोर्टल का अपना Grievance मॉड्यूल (Farmers Corner में “Helpdesk – Query Form”), केंद्र सरकार का CPGRAMS पोर्टल, और Kisan e-Mitra नाम का AI चैटबॉट, जो 11 भाषाओं में चौबीसों घंटे जवाब देता है और pmkisan.gov.in के होमपेज पर ही मिल जाता है। शिकायतें राज्य/ज़िला स्तर के अधिकारी निपटाते हैं।
हेल्पलाइन नंबर
पीएम किसान टोल फ्री नंबर : 1800-11-5526
पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर : 155261
लैंडलाइन नंबर : 011-23381092
Important Link
निष्कर्ष
PM Kisan Yojana छोटे और सीमांत किसानों के लिए साल भर की सबसे भरोसेमंद नक़द मदद है, लेकिन यह अपने आप नहीं आती — e-KYC, आधार सीडिंग और भूमि सत्यापन, ये तीन काम पूरे रहने चाहिए। 22वीं क़िस्त 13 मार्च 2026 को और 23वीं क़िस्त 20 जून 2026 को जारी हो चुकी है; अगली क़िस्त की तारीख की घोषणा आधिकारिक तौर पर pmkisan.gov.in और PIB पर ही होगी।
इस पेज को हर क़िस्त के बाद अपडेट किया जाता है, इसलिए इसे बुकमार्क कर लीजिए — और किसी भी “जल्दी क़िस्त दिलाने” वाले लिंक या एजेंट से दूर रहिए।
इस लेख के स्रोत
- pmkisan.gov.in — 23वीं क़िस्त की सूचना, e-KYC अनिवार्यता, Farmers Corner और अपवाद संबंधी सूचना
- प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) — 19वीं, 20वीं, 21वीं, 22वीं और 23वीं क़िस्त की विज्ञप्तियाँ तथा “Eligibility Criteria of PM-KISAN” (22 जुलाई 2025)
FAQ
PM Kisan की 22वीं क़िस्त कब जारी हुई थी?
22वीं क़िस्त 13 मार्च 2026 को गुवाहाटी (असम) से जारी की गई थी, जिसमें 9.32 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में ₹18,640 करोड़ से अधिक भेजे गए।
23वीं क़िस्त कब आई?
20 जून 2026 को, तारकेश्वर (हुगली, पश्चिम बंगाल) से। इसमें 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि मिली।
24वीं क़िस्त कब आएगी?
31 जुलाई 2026 तक इसकी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है। योजना के चार-मासिक चक्र (अगस्त–नवंबर) को देखते हुए इसी अवधि में आने की उम्मीद है, पर तारीख की पुष्टि सिर्फ़ pmkisan.gov.in या PIB से ही करें।
क़िस्त क्यों नहीं आई?
सबसे आम कारण अधूरा e-KYC है। इसके अलावा बैंक खाते की आधार सीडिंग न होना, भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन बाकी होना, नाम में अंतर, या अपवाद श्रेणी में आने के कारण भुगतान रोक दिया जाना भी वजह हो सकती है।
e-KYC क्या घर बैठे हो सकता है?
हाँ, अगर आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है तो pmkisan.gov.in पर OTP आधारित e-KYC खुद कर सकते हैं। बायोमेट्रिक विकल्प CSC VLE लॉगिन, PM-KISAN मोबाइल ऐप और राज्य के अधिकृत यूज़र लॉगिन पर उपलब्ध है।
क्या एक ही परिवार के दो लोग लाभ ले सकते हैं?
नहीं। लाभ “किसान परिवार” (पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे) की इकाई पर मिलता है। एक ही परिवार के कई सदस्यों का लाभ लेना पोर्टल पर संदिग्ध मामलों में गिना जाता है और भौतिक सत्यापन तक भुगतान रोका जा सकता है।
क्या PM-KISAN में राज्य सरकार भी पैसा देती है?
नहीं। PM-KISAN केंद्रीय क्षेत्र की योजना है और इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती है। राज्य सरकार का काम लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन करना है। कुछ राज्यों की अपनी अलग किसान योजनाएँ ज़रूर हैं, पर वे PM-KISAN से अलग हैं।






