“Labour Card” या “श्रमिक कार्ड” ढूँढने वाले ज़्यादातर लोग एक ही गलती करते हैं — वे समझते हैं कि यह एक ही कार्ड है। असल में भारत में इस नाम से दो अलग-अलग कार्ड चलते हैं: केंद्र सरकार का e-Shram कार्ड और राज्य सरकार का BOCW (निर्माण श्रमिक) लेबर कार्ड। दोनों की पात्रता अलग है, पोर्टल अलग है, और फायदे भी अलग हैं। गलत कार्ड बनवा लेने पर वह फायदा नहीं मिलेगा जिसकी उम्मीद थी।
इस लेख में आपको मिलेगा — दोनों कार्डों का फ़र्क़, e-Shram की सही पात्रता और असली ज़रूरी दस्तावेज़ (जितने आमतौर पर बताए जाते हैं उससे बहुत कम), e-Shram रजिस्ट्रेशन से असल में क्या मिलता है और क्या नहीं, और राज्य के BOCW कार्ड के लिए क्या शर्तें हैं। हर जानकारी सरकारी पोर्टल से ली गई है और स्रोत भी नीचे दिए गए हैं।

रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ़्त है
e-Shram पोर्टल साफ़ कहता है — “Registration on e-Shram portal is free. Workers are not required to pay any charges to any registering entity.” यानी न पोर्टल पर, न CSC पर, किसी को कोई फीस नहीं देनी है। अगर कोई एजेंट या दुकान इसके पैसे माँगे, तो वह गलत माँग रहा है।
लेख की रूपरेखा — 20 विषय
पहले यह समझें: “Labour Card” के दो अलग मतलब हैं
| अंतर | e-Shram कार्ड (केंद्र) | BOCW लेबर कार्ड (राज्य) |
| किसके लिए | हर तरह का असंगठित क्षेत्र का मज़दूर — रेहड़ी, खेत मज़दूर, घरेलू कामगार, गिग वर्कर, ड्राइवर आदि | सिर्फ़ भवन एवं अन्य निर्माण कार्य (construction) में लगे मज़दूर |
| उम्र | 16 से 59 वर्ष | 18 से 60 वर्ष |
| खास शर्त | EPFO/ESIC का सदस्य न हो, आयकरदाता न हो | पिछले 12 महीनों में कम-से-कम 90 दिन निर्माण कार्य किया हो |
| कहाँ आवेदन | eshram.gov.in या नज़दीकी CSC | अपने राज्य के श्रम विभाग / BOCW कल्याण बोर्ड का पोर्टल |
| क्या मिलता है | UAN नंबर और कार्ड; योजनाओं से जुड़ाव | राज्य बोर्ड की कल्याणकारी योजनाएँ (राज्य के हिसाब से अलग) |
| कानूनी आधार | श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय का राष्ट्रीय डेटाबेस (NDUW) | BOCW अधिनियम, 1996 की धारा 12 |
छोटा नियम याद रखिए: अगर आप निर्माण मज़दूर हैं तो आपको दोनों की ज़रूरत पड़ सकती है — e-Shram केंद्र की योजनाओं के लिए, और राज्य का BOCW कार्ड राज्य बोर्ड की योजनाओं के लिए। बाक़ी सभी असंगठित मज़दूरों के लिए e-Shram ही सही कार्ड है।
e-Shram कार्ड क्या है और किसे मिलता है
e-Shram भारत सरकार के श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय का असंगठित मज़दूरों का राष्ट्रीय डेटाबेस (National Database of Unorganised Workers) है, जो आधार से जुड़ा हुआ है। रजिस्ट्रेशन पर हर मज़दूर को एक UAN (Universal Account Number) मिलता है — यह 12 अंकों का स्थायी नंबर है, जो एक बार मिलने के बाद कभी नहीं बदलता।
पात्रता (जैसा eshram.gov.in पर लिखा है)
- उम्र 16 से 59 वर्ष के बीच हो।
- आप असंगठित क्षेत्र के कामगार हों — घर से काम करने वाले, स्वरोज़गार करने वाले, या दिहाड़ी/वेतन पर काम करने वाले।
- EPFO या ESIC के सदस्य न हों, और सरकारी कर्मचारी न हों।
- आयकरदाता (income tax payer) न हों।
यहाँ एक भ्रम दूर कर लीजिए, जो हिंदी की ज़्यादातर वेबसाइटों पर फैला हुआ है: e-Shram के लिए कोई आय सीमा नहीं है। पोर्टल साफ़ कहता है कि रजिस्ट्रेशन के लिए कोई income criteria नहीं है — शर्त सिर्फ़ इतनी है कि आप आयकर न भरते हों। इसी तरह “परिवार में सरकारी नौकरी नहीं होनी चाहिए” या “ज़्यादा बैंक बैलेंस/प्रॉपर्टी नहीं होनी चाहिए” जैसी शर्तें e-Shram की आधिकारिक पात्रता में कहीं नहीं हैं।
असल में कौन-से दस्तावेज़ चाहिए
सूची जितनी लंबी बताई जाती है, उतनी है नहीं। e-Shram के लिए चाहिए:
- आधार नंबर
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर (OTP इसी पर आएगा)
- बैंक खाते की जानकारी
अगर आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, तो घबराइए नहीं — नज़दीकी CSC (Common Service Centre) पर जाकर बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) से रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। राशन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र या समग्र आईडी — ये e-Shram के लिए ज़रूरी नहीं हैं। ये दस्तावेज़ राज्य की अलग-अलग योजनाओं में माँगे जाते हैं, e-Shram रजिस्ट्रेशन में नहीं।
e-Shram रजिस्ट्रेशन कैसे करें (ऑनलाइन)
- eshram.gov.in खोलिए और भाषा चुनकर मुख्य पेज पर जाइए।
- “Register on e-Shram” पर क्लिक कीजिए।
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर और कैप्चा भरिए, और यह बताइए कि आप EPFO/ESIC के सदस्य हैं या नहीं।
- OTP से वेरिफाई कीजिए, फिर आधार नंबर डालकर दूसरा OTP वेरिफाई कीजिए। आपका नाम, जन्मतिथि और पता आधार से अपने-आप भर जाएँगे।
- बाक़ी जानकारी भरिए — पता, शिक्षा, व्यवसाय/काम का प्रकार (occupation), स्किल और बैंक खाता।
- फ़ॉर्म सबमिट कीजिए। UAN कार्ड तुरंत बन जाता है और उसी समय डाउनलोड किया जा सकता है।
एक ज़रूरी बात: पोर्टल पहले से रजिस्टर लोगों को बार-बार यह सलाह देता है कि अपनी प्रोफ़ाइल और occupation अपडेट रखें, क्योंकि योजनाओं से जुड़ाव इसी जानकारी के आधार पर होता है। पुरानी या गलत occupation भरी होने पर सही योजना से मैच नहीं हो पाएगा।
e-Shram कार्ड से असल में क्या मिलता है — और क्या नहीं
यह इस लेख का सबसे ज़रूरी हिस्सा है, क्योंकि यहीं सबसे ज़्यादा गलतफ़हमी फैलाई जाती है। e-Shram कार्ड खुद कोई पैसा, पेंशन या बीमा नहीं देता। यह एक पहचान और डेटाबेस है, जिसे सरकार ने योजनाओं तक पहुँचने का रास्ता बनाया है।
21 अक्टूबर 2024 को श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय ने e-Shram “One-Stop-Solution” शुरू किया। इसके तहत अलग-अलग केंद्रीय मंत्रालयों की 14 योजनाएँ e-Shram से जोड़ी/मैप की गई हैं, ताकि रजिस्टर्ड मज़दूर एक ही जगह देख सके कि वह किन योजनाओं के लिए पात्र है और अब तक किनका लाभ ले चुका है। इनमें PM-SVANidhi, PMSBY, PMJJBY, NFBS, MGNREGS, PMAY-G, आयुष्मान भारत PM-JAY, PMAY-U, PMMSY, PM-KMY, IGNWPS, IGNDPS, One Nation One Ration Card और PMMVY शामिल हैं। इसके अलावा e-Shram को PM-SYM, National Career Service और Skill India से भी जोड़ा गया है।
यानी असली क्रम यह है: e-Shram पर रजिस्टर कीजिए → वहाँ से पता चलेगा कि आप किन योजनाओं के लिए पात्र हैं → फिर उस योजना में अलग से नामांकन/आवेदन कीजिए। कार्ड बन जाने भर से पैसा खाते में नहीं आता।
जुड़ी हुई कुछ मुख्य योजनाएँ (आँकड़े eshram.gov.in से)
| योजना | क्या मिलता है | मुख्य शर्त |
| PM-SYM (श्रम योगी मानधन) | 60 वर्ष के बाद ₹3,000 प्रति माह पेंशन; मृत्यु पर पति/पत्नी को 50% पेंशन | प्रवेश आयु 18–40 वर्ष, मासिक आय ₹15,000 तक; अंशदान ₹55–200 प्रति माह, इतना ही सरकार देती है |
| PMJJBY (जीवन ज्योति बीमा) | किसी भी कारण से मृत्यु पर ₹2 लाख | आयु 18–50 वर्ष; प्रीमियम ₹436 प्रति वर्ष |
| PMSBY (सुरक्षा बीमा) | दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर ₹2 लाख, आंशिक विकलांगता पर ₹1 लाख | आयु 18–70 वर्ष; प्रीमियम ₹20 प्रति वर्ष |
| आयुष्मान भारत PM-JAY | प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक मुफ़्त इलाज (सेकंडरी और टर्शियरी अस्पताल में भर्ती) | पात्र परिवार सूची के अनुसार — आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया अलग है |
| अटल पेंशन योजना | चुने गए विकल्प के अनुसार ₹1,000 से ₹5,000 प्रति माह पेंशन | आयु 18–40 वर्ष |
| PMAY-G (आवास) | मैदानी क्षेत्रों में ₹1.2 लाख, पहाड़ी क्षेत्रों में ₹1.3 लाख की सहायता | पात्रता सूची और सर्वे के अनुसार |
ध्यान दीजिए कि हर योजना की अपनी अलग पात्रता और अपना अलग आवेदन है। जैसे PM-SYM में 40 साल के बाद प्रवेश नहीं मिलता, और PMSBY/PMJJBY का प्रीमियम आपके बैंक खाते से हर साल कटता है। ये राशियाँ और प्रीमियम सरकार समय-समय पर बदल सकती है, इसलिए आवेदन से पहले संबंधित योजना की आधिकारिक वेबसाइट ज़रूर देख लें। (पेंशन योजनाओं की जानकारी maandhan.in पर है।)
राज्य का BOCW लेबर कार्ड (निर्माण श्रमिक कार्ड)
अगर आप मिस्त्री, बेलदार, राजमिस्त्री, प्लंबर, बढ़ई, पेंटर या किसी भी तरह के निर्माण कार्य में लगे हैं, तो आपके लिए एक अलग कार्ड बनता है — BOCW कल्याण बोर्ड का लाभार्थी कार्ड। इसका आधार है भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम, 1996।
पात्रता (अधिनियम की धारा 12 के अनुसार)
- उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी हो और 60 वर्ष पूरी न हुई हो।
- पिछले 12 महीनों में कम-से-कम 90 दिन भवन या अन्य निर्माण कार्य में लगे रहे हों।
- रजिस्ट्रेशन राज्य कल्याण बोर्ड में होता है, केंद्र में नहीं।
90 दिन के काम का प्रमाण आमतौर पर ठेकेदार/नियोक्ता का प्रमाणपत्र होता है; कई राज्यों ने स्व-प्रमाणन (self-certification) की सुविधा भी दी है। पंजीकरण आसान बनाने के लिए राज्यों को यह भी कहा गया है कि वे स्थानीय/नगरपालिका/पंचायत स्तर पर अधिकारी नियुक्त करें, मज़दूरों के इलाक़ों में शिविर लगाएँ और पंजीकृत मज़दूरों को यूनिक पहचान संख्या तथा ID कार्ड जारी करें।
आवेदन कहाँ करें — और यहीं लोग फँसते हैं
BOCW कार्ड का कोई एक अखिल भारतीय पोर्टल नहीं है। हर राज्य के श्रम विभाग का अपना पोर्टल है — उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा सबका अलग। इसलिए किसी भी वेबसाइट पर दिया गया “एक लिंक जिससे पूरे भारत का लेबर कार्ड बनता है” भरोसेमंद नहीं होता।
सही तरीका यह है: Google पर “[अपने राज्य का नाम] labour department BOCW registration” खोजिए और सिर्फ़ उसी लिंक पर जाइए जिसका डोमेन .gov.in या .nic.in पर ख़त्म होता है। इसके अलावा अपने ज़िले के श्रम कार्यालय या नज़दीकी CSC पर भी सही पोर्टल का पता मिल जाता है। केंद्र की जानकारी के लिए श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय की वेबसाइट labour.gov.in देखी जा सकती है।
BOCW कार्ड से क्या फायदे मिलते हैं
BOCW बोर्ड की योजनाएँ हर राज्य में अलग-अलग हैं और उनकी राशि भी राज्य सरकार तय करती है। आम तौर पर इनमें बच्चों की छात्रवृत्ति, बेटी की शादी में सहायता, प्रसूति सहायता, दुर्घटना/मृत्यु पर सहायता, औज़ार खरीदने में मदद और पेंशन जैसी योजनाएँ आती हैं। किसी भी राशि का आंकड़ा यहाँ इसलिए नहीं दिया गया है कि वह हर राज्य में अलग है और बदलती रहती है — सही राशि केवल आपके राज्य के बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या सूचना पट्ट पर ही देखें।
कार्ड बन जाने के बाद क्या करें
- UAN कार्ड डाउनलोड करके प्रिंट करा लीजिए और एक कॉपी मोबाइल में भी रखिए।
- e-Shram पर लॉगिन करके देखिए कि किन योजनाओं में आप पात्र दिख रहे हैं, और उनमें अलग से आवेदन कीजिए।
- मोबाइल नंबर, पता या काम बदले तो प्रोफ़ाइल तुरंत अपडेट कीजिए।
- निर्माण मज़दूर हैं तो राज्य BOCW कार्ड का नवीनीकरण (renewal) समय पर कराते रहिए — कई राज्यों में लैप्स होने पर लाभ रुक जाते हैं।
- कोई भी सरकारी सहायता का पैसा सीधे बैंक खाते में आता है, इसलिए खाता आधार से लिंक और चालू रखिए। PM-किसान जैसी योजनाओं में भी यही नियम लागू होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या e-Shram कार्ड बनवाने पर हर महीने पैसे मिलते हैं?
नहीं। e-Shram अपने आप कोई मासिक भत्ता नहीं देता। यह रजिस्ट्रेशन है, जिससे आप पात्र योजनाओं तक पहुँच सकते हैं। जो वेबसाइट “e-Shram कार्ड से हर महीने ₹1,000 मिलेंगे” जैसा दावा करती है, वह दावा सरकारी नहीं है।
क्या EPFO/ESIC वाले भी e-Shram बनवा सकते हैं?
नहीं। e-Shram उन्हीं के लिए है जो EPFO या ESIC के सदस्य नहीं हैं और सरकारी कर्मचारी नहीं हैं।
क्या e-Shram और राज्य का लेबर कार्ड दोनों बनवा सकते हैं?
हाँ। ये दो अलग व्यवस्थाएँ हैं। निर्माण मज़दूर दोनों बनवा सकते हैं — शर्तें दोनों की अलग-अलग पूरी करनी होंगी।
मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, तो क्या करें?
नज़दीकी CSC पर जाइए — वहाँ बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) से रजिस्ट्रेशन हो जाता है। इसके लिए भी कोई फीस नहीं देनी है।
e-Shram हेल्पलाइन क्या है?
e-Shram हेल्पडेस्क नंबर 14434 और 1800-889-6811 हैं, जो पोर्टल पर दिए गए हैं।
निष्कर्ष
Labour Card बनवाने से पहले सिर्फ़ एक सवाल का जवाब तय कर लीजिए — आप निर्माण मज़दूर हैं या किसी और असंगठित काम में? इसी से तय होगा कि आपको e-Shram चाहिए, राज्य का BOCW कार्ड चाहिए, या दोनों। रजिस्ट्रेशन दोनों जगह मुफ़्त है, आधार और आधार से लिंक मोबाइल ही मुख्य ज़रूरत है, और कार्ड बनने भर से पैसा नहीं आता — असली फ़ायदा तब मिलता है जब आप उससे जुड़ी योजना में अलग से आवेदन करते हैं।
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